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श्रीनगर बस अड्डे का 31 अगस्त तक होगा हस्तांतरण, डीएम ने विकास परियोजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

पौड़ी। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकास कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विकास कार्यों, निर्माणाधीन योजनाओं, मानचित्र स्वीकृति और अवैध निर्माण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रीनगर बस अड्डे के हस्तांतरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व, परिवहन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को संयुक्त रूप से बस अड्डे का निरीक्षण कर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 31 अगस्त तक बस अड्डे को परिवहन विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

जिलाधिकारी ने श्रीनगर में निर्माणाधीन गंगा संस्कृति केंद्र, अपर चोपड़ा क्षेत्र की पार्किंग समेत अन्य विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, जिससे निर्माण कार्य समय पर पूरे हों और आम लोगों को इनका लाभ जल्द मिल सके।

बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से तहसीलवार चालानी और प्रवर्तन कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने क्षेत्रवार समीक्षा करते हुए नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत अब तक मानचित्र स्वीकृति के लिए 2104 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2087 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।

जिलाधिकारी ने लंबित मानचित्र आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी सेवाएं समय पर मिल सकें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एलपी भट्ट, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता किशोर कुमार, उत्तराखंड पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र प्रसाद समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।