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जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत ने सुनीं लोगों की समस्याएं, कई मामलों का मौके पर कराया समाधान

नैनीताल:  कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने गुरुवार को नैनीताल कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया। जनसुनवाई में भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण, पारिवारिक विवाद और डिजिटल ठगी से जुड़े मामलों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान राजभवन रोड, आयारपाटा निवासी वीर श्रीवास्तव व अन्य की पार्किंग स्थल में अव्यवस्थित वाहन खड़े करने और अवैध होम-स्टे संचालन की शिकायत पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पार्किंग में केवल दो वाहन ही खड़े किए जाएं। साथ ही प्राधिकरण के अधिकारियों को अवैध होम-स्टे के निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए।

बागेश्वर निवासी शांति राठौर ने अपने पुत्र, उत्तराखंड पुलिस के लापता कांस्टेबल जगदीश की खोजबीन की मांग उठाई। इस पर आयुक्त ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए तथा कांस्टेबल की माता के भरण-पोषण के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करने को भी कहा।

धारी तहसील की निवासी नीमा परिहार की भूमि संबंधी शिकायत पर आयुक्त ने कहा कि शासन के अगले आदेश तक वह संबंधित भूमि पर खेती जारी रख सकती हैं।

हल्द्वानी निवासी अब्दुल राजिक ने क्रिप्टोकरेंसी ऐप के जरिए करीब 1.50 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी की शिकायत दर्ज कराई। मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयुक्त ने थाना बनभूलपुरा को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा ब्यूटी पार्लर की धनराशि वापसी से जुड़े विवाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते के निर्देश दिए गए, जबकि निजी भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत पर पटवारी को मौके पर जाकर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए।

आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके।