उत्तराखंड की पुष्पा कुकरेती ‘नेशनल सिविलियन अवॉर्ड 2026′ से सम्मानित
माइक्रोफाइनेंस के जरिए छोटे कारोबारियों को दे रहीं सहारा
कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार की रहने वाली पुष्पा कुकरेती को वर्ष 2026 के नेशनल सिविलियन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें वित्त और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है। यह पुरस्कार फॉरएवर स्टार इंडिया (FSIA) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित सम्मान समारोह का हिस्सा है, जहां देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और पेशेवरों का चयन किया जाता है।
एफएसआईए द्वारा दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए प्रतिभागियों का चयन राज्यवार किया जाता है। इसमें उद्यमिता, शिक्षा, प्रोफेशनल क्षेत्र और समाज में बहुमुखी प्रतिभा के जरिए अलग पहचान बनाने वाली महिलाओं को शामिल किया जाता है। चयन प्रक्रिया में देश की कई नामचीन हस्तियां ज्यूरी सदस्य के रूप में शामिल रहती हैं।

पुष्पा कुकरेती को “इंडिया की मोस्ट इन्फ्लुएंशियल सुपर वुमन – फाइनेंस और सोशल सेक्टर” श्रेणी में यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने माइक्रोफाइनेंसिंग के माध्यम से देश के छोटे स्ट्रीट वेंडर्स और जरूरतमंद लोगों तक उनकी छोटी-छोटी आर्थिक जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता पहुंचाने का कार्य किया है। यह पहल भारत सरकार की उस प्राथमिकता से भी जुड़ी है, जिसमें छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
करीब 22 वर्षों के फाइनेंस एडवाइजरी सेक्टर के अनुभव के साथ पुष्पा कुकरेती ने अपने करियर की शुरुआत सामान्य पृष्ठभूमि से की। बिना किसी बिजनेस बैकग्राउंड के उन्होंने अपनी मेहनत, जुनून और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर वित्तीय क्षेत्र में पहचान बनाई। वह दो वित्तीय कंपनियों की स्थापना में फाउंडर मेंबर रही हैं और वर्तमान में एक माइक्रोफाइनेंस एनबीएफसी से जुड़ी हुई हैं। उनका उद्देश्य छोटे व्यापारियों, स्ट्रीट वेंडर्स और जरूरतमंद लोगों को आसानी से माइक्रोफाइनेंस उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान में वित्तीय छेत्र की कंसल्टेंसी कंपनी enhancer ग्रुप की फाउंडर मेंबर है ओर NBFC सेक्टर की एक अन्य कंपनी मै डायरेक्टर के रूप मै अपनी सर्विस दे रही है। यानी Enhancer group की फाउंडर मेंबर होने के साथ साथ NBFC मै डायरेक्टर के रूप मै अपनी सर्विसेज दे रही है। अपने कार्यों के जरिए वह आर्थिक समावेशन और समाज के निचले तबके तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
